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Sunday, December 13, 2015


आपको नहीं मालूम होंगे कंडोम के ये 4 साइड इफेक्ट्स:

दर्द एवं एलर्जी:

ऐसा देखा गया है कि लगातार अर्थात सप्ताह में दो से अधिक बार कंडोम का उपयोग करने से योनि की आंतरिक परत और झिली में संवेदनशीलता काम या समाप्त हो जाती है। जिसके कारण स्त्रियों की यौनि से स्खलित होने वाले प्राकृतिक लुब्रिकेंट (चिकनाई युक्त) दृव्यों का स्वत: स्खलन कम हो जाता है या पूरी तरह से बन्द हो भी जाता है। जिसके चलते योनि में खरास या सूखापन आता देखा गया है। जिसके कारण कंडोम का अधिक उपयोग करने वाली औरतों की योनि स्पर्श कातर (छुअन से ही दर्द महसूस होने वाली) हो जाती है। ऐसी स्थिति का सामना कर रही स्त्रियों द्वारा अपने प्रेमी या पति के साथ बिना कंडोम के सेक्स करने पर यौनि में असहनीय दर्द, जलन, एलर्जी और खुजली होना आम बात है।

योनि ग्रीवा में कट या घाव:

कंडोम का अधिक उपयोग करने से योनि ग्रीवा में कटाव और छिलन के साथ-साथ दर्दनाक घाव भी होते देखे गये हैं। जिसके चलते योनि में सूजन आ जाती है। योनि में सूजन की स्थिति में सेक्स करने पर योनि का आन्तरिक हिस्सा फिर से घायल हो जाता है। जिससे योनि में फिर से जख्म हरे हो जाते हैं। कई बार जख्मों से रक्तस्त्राव भी होने लगता है। जिसे स्त्रियां असमय मासिक चक्र का आना मानकर उसकी परवाह नहीं करती हैं और इस कारण से उन्हें जननांगों और गर्भाशय में भयंकर संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है। जिससे योनि ग्रीवा या गर्भाशय में कैंसर होने का खतरा भी बना रहता है।

लेटेक्स के बने कंडोम:

लेटेक्स के बने कंडोम आपको गर्भधारण और यौन-संचारित रोगों से बचाते हैं। मगर ये ऐलर्जी का सबसे आम कारण हैं और सेक्स के दौरान स्त्री की प्रतिक्रिया को घटा देते हैं, क्योंकि इसके प्रयोग के कारण योनि में सूखापन और खुजली के रूप में देखा गया है। इसका सबसे खराब दुष्प्रभाव है, स्त्री-पुरुष के जननांगों पर गंभीर दाने या जानलेवा आघात के रूप में दिख सकता है।

योनि की प्रतिरक्षा प्रणाली को नुकसान:

प्रकृति ने जननांगों को खुद ही अपनी प्रतिरक्षा की जन्मजात शक्ति प्रदान की लेकिन यदि सप्ताह में दो बार से अधिक कंडोम का उपयोग किया जाता है तो कंडोम योनि की प्रतिरक्षा प्रणाली को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके उपयोग से योनि की अम्लीय वातावरण में उथल-पुथल पैदा हो जाती है।

Condom ke 4 Side Effects




आपकी जीवनशैली और सेक्स लाइफ:

किसी आदमी की सेक्स लाइफ पूरी तरह से उसकी जीवनशैली पर निर्भर करती है। जीवनशैली बदलने का सबसे ज्यादा प्रभाव सेक्स लाइफ पर पड़ता है। दिनभर ऑफिस में काम करके आदमी जब थककर घर जाता है, तब उसकी सेक्स के प्रति कोई रुचि नहीं होती है और इस वजह से पार्टनर से दूरियां बढती जाती हैं। ज्यादा धूम्रपान और शराब की लत भी सेक्स लाइफ को प्रभावित करती है। व्यस्त जीवनशैली के बावजूद आप अपनी यौन ऊर्जा, प्रेम और व्य‍वहार कुशलता से अपनी सेक्स लाइफ को बेहतरीन बना सकते हैं और अपने दांपत्य जीवन में मिठास घोल सकते हैं।

जीवनशैली का सेक्स लाइफ पर प्रभाव -

काम की व्यस्त‍ता और सेक्स लाइफ -
एकल परिवार और मेट्रो सिटी में रहने वाले ज्या‍दातर लोग कामकाजी हैं। अपनी बढती जरूरतों को पूरा करने के लिए पती और पत्नी दोनों मिलकर काम करते हैं। दिनभर काम के दौरान थकान स्वाभाविक है। अक्सर लोग देर रात तक काम करते है और बाहर भी रहते हैं। इसका सबसे बुरा असर आदमी की सेक्स लाइफ पर पडता है क्योंकि थकान के बाद सेक्स की इच्छा लगभग समाप्त हो जाती है। और अगर मूड भी हो तो वह केवल एक औपचारिकता रह जाती है जिससे आपका पार्टनर कभी भी संतुष्ट नहीं होता है।

खान-पान और सेक्स लाइफ -
जंक फूड और फास्ट फूड के खाने का चलन बढा है। जंक फूड ज्यादा खाने से कई बीमारियां जैसे डायबिटीज, कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियां हो जाती हैं। जंक फूड मोटापे को बढाने का प्रमुख कारण होता है। मोटे लोगों को सेक्स के दौरान उतना मजा नहीं आता है। इसके अलावा ज्यादा फास्ट फूड खाने से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है जिससे शरीर की ऊर्जा समाप्त हो जाती है और सेक्स करने की इच्छा नहीं होती है।

धूम्रपान और शराब की लत -
काम के तनाव से बचने के लिए लोग धूम्रपान शुरू कर देते हैं। धूम्रपान करने वालों को लगता है कि इससे दिमाग का तनाव कम होगा। कई लोग तो शराब को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में अपना लेते हैं। इसका असर सेक्स लाइफ पर पडता है। शराब पीने के बाद सेक्स की इच्छा नहीं होती है। सेक्स के दौरान सांसों की गति तेज हो जाती है और ज्यादा धूम्रपान आपके फेफडों को कमजोर बनाता है जिसके कारण सांस लेने में दिक्कत होती है।

जीवनशैली बदलकर बनाएं बेहतर सेक्स लाइफ -

1. सेक्स लाइफ को बेहतर करने के लिए हर रोज व्यायाम और योगा कीजिए जिसके कारण आपका शरीर स्वस्थ रहेगा और आप अपने पार्टनर को संतुष्ट रख सकते हैं।
2. ऑफिस के काम का तनाव घर पर मत ले जाइए। अपने स्ट्रेस को सेक्स के दौरान भूल जाइए।
3. जंक फूड, फास्ट फूड, रेड मीट और ज्यादा तले हुए खाने से बचें। इन खाद्य-पदार्थों को खाने से शरीर को ज्यादा वसा मिलती है जिसके कारण मोटापा बढता है।
4. एनर्जी देने वाले और विटामिन से भरपूर खाद्य-पदार्थों को अपनी जीवनशैली में शमिल कीजिए जिससे कि सेक्स के दौरान आपके अंदर भरपूर ऊर्जा हो।
5. स्मोंकिंग और एल्कोहल छोडकर सेक्स लाइफ को बेहतर किया जा सकता है।
6. व्यस्त जीवनशैली में सेक्स लाइफ को नजरअंदाज करना गलत है। सेक्स बहुत ही अच्छा व्यायाम होता है और इससे दिमाग की टेंशन भी समाप्त होती है। इसलिए बदली हुई जीवनशैली में भी सेक्स का भरपूर मजा लेना चाहिए।

आपकी जीवनशैली और सेक्स लाइफ:

यूं करें कामसूत्र की शुरुआत:






कामसूत्र, सेक्स, यौवन: यह शब्द सुनते ही आम तौर पर लोगों के मन में अजीब विचार आने लग जाते हैं। इसका मुख्य कारण हमरे देश और समाज में सम्भोग व शारीरिक संबंधों के प्रति फैली गलत मानसिकता तथा सही जानकारियों का अभाव होना है।

वास्तव में प्रेम की उत्पत्ति सिर्फ मन या हृदय में ही नहीं होती शरीर में भी होती है। स्त्री-पुरुष यदि एक दूसरे के शरीर से प्रेम नहीं करते हैं तो मन, हृदय या आत्मा से प्रेम करने का कोई महत्व नहीं। प्रेम की शुरुआत ही शरीर से होती है।और संभोग ही दाम्पत्य सुख-शांति की आधारशिला भी है।

कामसूत्र के बारे में यह कहना गलत नहीं होगा कि यह व्‍यक्ति के सामाजिक और निजी जीवन के हर भाग को समाहित करता है। यह वहां पहुंचता है जहां आमतौर पर व्‍यक्ति की दृष्टि नहीं पहुंचती। यह न केवल काम की बात करता है, बल्कि प्रेम की प्रवृत्ति, परिवार की भूमिका और परिवार की महत्ता आदि के बारे में भी विस्‍तृत चर्चा करता है।

दांपत्य जीवन का प्रारंभ करने वाले सभी लोगों को कामसूत्र को कम से कम एक बार तो अवश्य पढना चाहिए। कामसूत्र महज एक ग्रंथ अथवा सम्भोग पुराण मात्र नहीं है, बल्कि यह गृहस्थ जीवन को सही तरीके से जीने का सलीका भी बताता है। यह बताता है कि किस प्रकार आप अपने साथी के साथ कुछ बातों का खयाल रख नीरस संबंधों को आनंदमय और उत्साहपूर्ण बनाता है।

सम्भोग से पहले अपने सभी संकोचों और शर्म को दरकिनार कर दें। अपने साथी को भी अच्छा महसूस करने में सहायता करें। फिर अपनी साथी कि पोशाक को आहिस्ता से खोलें और अपने सीधे हाथ से पकड़ते हुए गले से लगायें। अब किसी हलके-फुल्के सामान्य विषय पर चर्चा करना शुरू करें। ध्यान रहे कि चर्चा के लिए कोई गंभीर विषय का चुनाव न करें। यह भी ध्यान रखें कि वार्तालाप में आपके साथी की भी बराबर भागीदारी बनी रहे।

कुछ आसनों का भी आनंद लें:

ऐसा माना जाता है कि जब संभोग की चरम अवस्था होती है उस वक्त विचार खो जाते हैं। इस दशा में जो आनंद की अनुभूति होती है वह समाधि के चरम आनंद की एक झलक मात्र है। संभोग के अंतिम क्षण में होश में रहने से ही पता चलता है कि ध्यान क्या है।और निर्विचार हो जाना ही समाधि की ओर रखा गया पहला कदम है।

यदि आपके योंन जीवन में असंतुष्टि की स्थिति में हो तो संबंधों के ख़राब होने यहाँ तक की टूट जाने की नौबत आ जाती है। इसलिए यह बहुत ज़रूरी है कि आप अपने साथी के साथ खुलकर बात करें और वर्तमान व भविष्य में हो सकने वाली समस्यों से बच सकें।

साथ ही कामसूत्र आपको इस बात की जानकारी देता है की किस तरह आप अपने दांपत्य जीवन में अपने साथी के साथ संबंधों में सामंजस बना कर उसे और अधिक खुशहाल, और रोमांचक बना सकतें हैं।

यूं करें कामसूत्र की शुरुआत:



ऐसे चुनें कामसूत्र का सर्वश्रेष्ठ आसन:

कामसूत्र में रतिक्रीड़ा के अनेकों आसनों का वर्णन है जो सम्भोग में चरम प्राप्ति के लिए मार्गदर्शित करता है। आप अपनी सहूलियत के हिसाब से उनमें से कोई भी चुन सकते हैं। आइए जानते हैं कामसूत्र के कुछ आसनों के बारे में-

मकड़ आसन:

सम्भोग के इस आसन में पुरुष अपनी टांगों को सामने की तरफ ख़ोलकर बैठता है और संतुलन के लिए अपने हाथों को पीछे की ओर लगा देता है। महिला साथी भी पुरुष की ओर वैसी ही स्थिति बनाकर बैठ जाती है। अब दोनों साथी सामंजस्‍य और लय में हिलकर रतिक्रीड़ा शुरू करते हैं। पुरुष इस दौरान महिला का भार अपने कूल्हों और हाथों पैर ले लेता है। महिला साथी भी घुटनों को मोड़कर व ताल से ताल मिलकर, चरम प्राप्ति के लिए पूर्ण सहयोग करती है।

वुमन ऑन टॉप:

कामसूत्र के इस आसन में स्त्री को अपना पूरा सहयोग देने का मौका मिलता है। साथ ही वह सम्भोग की क्रिया को अपनी इच्छा अनुसार नियंत्रित व चयनित करती है। वुमन ओन टॉप पोजीशन में दोनों साथी आरामदायक स्तिथि में सम्भोग का आनंद ले सकतें है।

मेजिक माउंटेन आसन :

इस आसन में तकियो के ढेर का एक पर्वत जैसा बना लिया जाता है। महिला साथी ताकियों के ढेर पर घुटने टेक कर उकडू लेट जाती है। इन ताकियो का सहारा लेकर महिला अपनी टांगों को थोडा खोल देती है इसके बाद दोनों रतिक्रीड़ा आरंभ करते हैं।

मैन ऑन टॉप :

यह शायद सम्भोग की सबसे अधिक बार इस्तेमाल किये जाने वाली तथा सबसे आम स्थिति है। इस अवस्था में बाजी पुरुष के हाथ में होती है। इसमें मुख्‍यत: स्त्री का कोई विशेष योगदान नहीं होता। यहां पुरुष अपनी गति पर पूरी तरह नियंत्रण रख सकता है। 'मैन ऑन टॉप' अवस्था का लाभ यह है कि सम्भोग क्रिया के दौरान पुरुष, स्त्री को होठों, गले व कान आदि पर चुम्बन कर सकता है। साथ ही दोनों एक दूसरे को आंखों में आंखें डाल कर देख सकते हैं।

सीटिड बॉल :

सीटिड बॉल आसन में दोनों साथी आधी बैठी अवस्था में होते हैं। महिला पुरुष के ऊपर थोड़ी झुकी हुई अवस्था में होती है और पुरुष सम्भोग कर रहा होता है। जब पुरुष महिला साथी को पीठ पर चुम्बन कर रहा होता है तब गतिविधि को अपनी एड़ी द्वारा नियंत्रित करती है। सम्भोग की इस क्रिया में बहुत लचक की ज़रूरत होती है किन्तु इस आसन में पुरुष, महिला के उन अंगों को भी तरजीह दे पाता है जो सामान्यतः ध्यान से परे होते हैं। यदि आप लचीले है तो आपको यह आसन अवश्य लेना चाहिए।

टॉड पोजीशन:

इस आसन में महिला पैरों को खोलकर पीठ के बल लेट जाती है और पुरुष उसके पैरों के बीच लेटता है। महिला अपने पेरों को पुरुष साथी के कूल्हों के चोरों तरफ जकड लेती है और पेरों द्वारा पुरुष के कूल्हों पर थोडा वज़न दाल कर उसे प्रेरित करती है। यह आसन दोनों को इच्छा अनुसार कोई भी गतिविधि व स्पर्श करने की सवतंत्रता देता है। सम्भोग के इस अन्तरंग आसन में महिला पुरुष को कमर और नीचे से उत्तेजित कर सकती है।

साइड किक पोजीशन: साइड किक आसन में महिला को पुरुष की तरफ पीठ के बल लेटना होता है। इस आसन में सम्भोग के समय पुरुष का एक घुटना महिला साथी के पैरों के बीच में व दूसरा उसके बराबर में स्थित होता है। पुरुष महिला को उसके नितंभों से पकड़ता है ताकि तीव्र गतिविधि कर सके, जबकि महिला अपने पैरों को फैलाती है जिससे अच्छा दृश्य मिलता है।

शोल्डर होल्डर पोजीशन: सम्भोग के इस आसन में महिला कमर के बल एक तकिये पर सिर रखकर लेटी होती है और उसके पैर हवा में होते हैं। पुरुष, महिला के पैरों को अपने कन्धों पर रखकर सामने की तरफ से सम्भोग करता है। पुरुष अपने एक हाथ को नीचे रख कर सहारा लेता है और रतिक्रिया करता है।

इस प्रकार आप और आपका साथी कामसूत्र का कोई भी आसन अपनी सुविधा और एक मत से चुन कर व्यवहार में ला सकते है। बस ध्यान रहे कि आप दोनों भी आसन को करने से पूर्व उसे अच्छी तरह से समझ व पढ़ लें ताकि आप एक दूसरे के साथ का पूरा आनंद ले सकें।

ऐसे चुनें कामसूत्र का सर्वश्रेष्ठ आसन:

कामसूत्र की हॉट 5 सेक्स पोजीशंस:


कामसूत्र में रोमांचित और उत्तेजित करने वाली कई सेक्स पोजीशंस हैं। कामसूत्र तो विख्‍यात ही इसलिए है। आइए हम जानते हैं पांच ऐसी पोजीशंस के बारे में जिनके जरिए न केवल आप बल्कि आपका पार्टनर भी सेक्‍स संतुष्टि पा सकता हैं।

कामसूत्र की हॉट सेक्‍स पोजीशन -

बंधा यानी बांधने वाली पोजीशन-
इस पोजीशन में महिला और पुरूष एक दूसरे की ओर मुंह करके बैठते हैं। इसमें महिला अपने हाथों से पुरूष के सीने को जकड़ लेती है और पुरूष महिला की गर्दन पर अपने हाथ रखता है। इसके साथ ही दोनों एक-दूसरे की जांघों को आपस में जकड़ लेते हैं। इस पोजीशन में पहले दोनों एक-दूसरे को चुंबन देते हैं और फिर सेक्स क्रियाएं करते हुए संभोग करते हैं। इस पोजीशन में दोनों एक-दूसरे के शरीर को अच्छी तरह से जकड़ लेते हैं।

परावृत्तिका-
इस पोजीशन में सेक्‍स का अपना अलग आनंद होता है। लेकिन, इस पोजीशन को करने में जरा सी चूक सारा मजा खराब कर सकती है। कामसूत्र की मानें तो इस पोजीशन के लिए काफी अभ्‍यास की आवश्‍यकता होती है। इसमें सेक्‍स के दौरान ही महिला पुरुष के पीछे पलट जाती है। और तो और बैठकर ही इस आसन को अच्‍छी तरह से किया जा सकता है। एक और बात जो इस आसन के दौरान ध्‍यान रखने वाली होती है, वह यह कि यह क्रिया अगर महिला द्वारा की जाए तभी यह संभव है। ऐसे में सेक्स के दौरान महिला का सक्रिय होना बहुत ज्यादा जरूरी है तभी ये आसन संभव है।

पद्मासन (लोटस पोजीशन) -
हालांकि पद्मासन एक योगासन है, लेकिन कामसूत्र में इसे लोटस पोजीशन भी कहा जाता है। इस आसन में पुरूष पद्मासन में बैठ जाता। इसके बाद महिला अपने बाएं पैर के पंजे को पुरूष की दाईं जांघ पर रखती है और फिर दाएं पैर के पंजे को बाईं जांघ पर। महिला इस पोजीशन में पुरूष को कसकर पकड़ लेती है। इसके पास चाहे तो पुरूष अपने पैरों को पकड़ सकता है। कुल मिलाकर कहें तो लोटस पोजीशन यानी कमल के आकार में सेक्‍स करने से सेक्‍स का आनंद दोगुना हो जाता है।

एक ही करवट, खोल दे सारे घूंघट -
इस पोजीशन में पुरूष और महिला एक-दूसरे की तरफ मुंह करके एक तरफ करवट लेकर लेटते हैं। इसमें दोनों का मुंह एक-दूसरे के सामने होता है। महिला पुरूष के पैरों को अपने पैरों से जकड़ लेती है और पुरूष महिला के और करीब आ जाता है। इस पोजीशन में पुरूष महिला को धीरे-धीरे सहलाकर सेक्स प्रक्रिया आरंभ करता हैं। इस पोजीशन को हॉट माना जाता है। इसमें वैजाइना और पेनिस सबसे आरामदेह स्थिति में होते हैं और इसी वजह से इसमें उत्तेजना बहुत बढ़ जाती है।

कमाल है कमर का -
इस पोजीशन में पुरूष पलंग पर पैर फैलाकर बैठ जाता है। महिला घुटने के बल पुरूष की और बढ़ती है। इसके बाद पुरूष के करीब आकर कमर के बल लेट जाती है। इस प्रक्रिया में दोनों सेक्स का भरपूर आनंद लेते हैं। महिला को इस पोजीशन में ऐसे बैठना चाहिए जिससे वह सहज भी रहे और उसकी कमर में अधिक दर्द भी न हो।

इन पांचों कामसूत्र की हॉट पोजीशन का आनंद महिला और पुरूष तभी ले सकते हैं जब दोनों मानसिक रूप से तैयार हों। साथ ही दोनों का स्वस्‍थ रहना भी जरूरी है।

कामसूत्र की हॉट 5 सेक्स पोजीशंस:

बैडरूम में कामसूत्र अपनाने के टिप्स:

कामसूत्र की सभी क्रियाओं को जानने के बाद जो बात सबसे महत्वपूर्ण रह जाती है कि आखिर कामसूत्र के तरीके से सेक्स की शुरूआत कैसे की जाएं। सेक्स की शुरूआत से पहले पुरूष और महिला दोनों के क्या करना चाहिए ताकि वो सेक्स को अच्छी तरह से एन्जॉय कर सकें और एक-दूसरे को संतुष्ट कर सकें। यदि आप भी सेक्स करने जा रहे हैं और आप कामसूत्र के टिप्स को अप्लाई करने जा रहे हैं तो उसमें दिए कुछ टिप्स जरूर अपनाएं। आइए जानें कामसूत्र के तरीके से सेक्स की शुरूआत करने के टिप्स के बारे में।

* कमरे की साफ-सफाई-
सेक्स की शुरूआत से पहले जरूरी है कि कमरे की अच्छी तरह से साफ-सफाई की गई हो। इतना ही नहीं बैड पर धुली हुई चादर बिछी होनी चाहिए।

* सुगंधित कमरा-
यदि आप सेक्स करने जा रहे हैं तो वैसा माहौल भी होना चाहिए जिससे दोनों पार्टनर उस माहौल में अच्छी तरह से रम सकें। ऐसे में कमरे का खुशबूदार होना जरूरी है। कमरे में भीनी-भीनी खुशबू आनी चाहिए। आप चाहे तो आरोमा प्रोडक्ट या फिर परफ्यूम इत्यादि का इस्तेमाल कर सकते हैं।

* सजावट भी है जरूरी -
आपको चाहिए‌ कि आप कमरे को अच्छे से सजाएं। कमरे को कैंडल और फूलों से सजाएं। कमरे में सुंदर पेटिंग्स लगी होनी चाहिए। इतना ही नहीं कमरे में लाइट एकदम मंदिम होनी चाहिए। जिससे आप अपने पार्टनर से अपने बेइंतहा प्यार का इजहार कर सकें।

* नहाना है जरूरी-
दोनों पार्टनर के लिए कामसूत्र में यह खास हिदायत दी गई है कि माहौल बनाने के साथ-साथ दोनों पार्टनर्स का मन से तैयार होना भी जरूरी है। इसके लिए दोनों को अपने शरीर की साफ-सफाई का ध्यान रखना भी जरूरी है। आप दोनों को नहाकर ही कमरे में दाखिल होना चाहिए। इतना ही नहीं पहले पुरूष कमरे में आए और उसके बार महिला को इन्वाइट करें।

* ड्रेस का रखें ख्याल-
कामसूत्र के अनुसार महिला और पुरूष दोनों को ही आकर्षक ड्रेस में होना जरूरी है जिससे दोनों एक-दूसरे की तरफ आकर्षित हों साथ ही ऐसे समय में तारीफ करने से ना कतराएं।

* म्यूजिक भी लगाएं-
आप चाहे तो कोई इंस्टूमेंट म्यूजिक बजा सकते हैं लेकिन बहुत ही हल्के स्वर में या फिर कोई भी थीम बेस्ड गाना चला सकते हैं। जो कि रोमां‌टिक हो।

* बातचीत करें-
कामसूत्र के अनुसार, पुरूष को महिला को पहले प्‍यार से बैड पर बैठाना चाहिए उसके बाद बातचीत का सिलसिला आरंभ करना चाहिए। ताकि दोनों की ही झिझक एकदम गायब हो जाए। बातचीत रोमांटिक या फिर एक-दूसरे के बारे में भी हो सकती है। साथ ‌ही पुरूष को पहले महिला के कंधे पर अपना हाथ रखना चाहिए, उसके बाद ही धीरे-धीरे आगे बढ़ना चाहिए जिससे महिला सहज हो सकें।

* उपहार दें-
पुरूष को महिला पार्टनर से प्यार का इजहार करने के लिए कोई उपहार लेकर आना चाहिए और ये भी ख्याल रखें कि आप दोनों के अलावा रूम में कोई तीसरा व्यक्ति प्रवेश ना कर पाएं।

इन टिप्स से आप अपने प्यार का इजहार भी कर सकते हैं और सेक्स की शुरूआत भी शानदार तरीके से कर सकते हैं।

बैडरूम में कामसूत्र अपनाने के टिप्स:




सेक्स सिर्फ शारीरिक संबंध ही नहीं बल्कि मानसिक संबंध भी होता है। सेक्स के दौरान आप मानसिक रूप से भी एक दूसरे से जुड़ाव महसूस करते हैं। कई शोधों के मुताबिक, आप सेक्स उसी व्यक्ति के साथ कर सकते हैं जिससे आप मानसिक और भावनात्मक रूप से जुड़े हों। आपको चाहिए‍ कि आप जब बहुत गुस्से में हो या फिर आपके अपने पार्टनर से तनाव चल रहा हो तो उस दौरान सेक्स ना करें। अन्यथा आपको इसके नुकसान उठाने पड़ सकते हैं। हाल ही में आए एक शोध में यह भी बात सामने आई है कि सेक्स में गैप होना जरूरी है यानी रोजाना सेक्स के आपको नुकसान उठाने पड़ सकते हैं। अब सवाल ये उठता है कि वे कौन से कारण हैं जिनसे सेक्स में गैप होना जरूरी है। आइए जानें, सेक्स में क्यों जरूरी है गैप।
  • यह तो सभी जानते हैं सेक्स के जरिए आप चुस्त-दुरूस्त रह सकते हैं ।
  • यदि आप अपने पार्टनर से स्वस्थ रिश्ते‍ चाहते हैं तो आपके सेक्सुअल रिलेशंस का ठीक होना भी बहुत जरूरी हो जाता है।
  • सेक्स करने के फायदे बहुत हैं लेकिन इसके कुछ नुकसान भी आपको उठाने पड़ सकते हैं



सेक्स में क्यों जरूरी है गैप
  • हार्मोंस का संतुलन बनाए रखने के लिए सेक्स रोजाना ना करें- महिलाओं में शादी के बाद हार्मोंस में बदलाव होता है, ऐसा सेक्सुअल रिलेशंस के कारण होता है। यदि आप चाहते हैं कि आपको कोई शारीरिक समस्या ना हो तो आपको बीच-बीच में सेक्स करना बंद कर देना चाहिए।
  • बोरियत से बचने के लिए रोजाना ना करें सेक्स- इंसान की स्वाभाविक प्रवृति होती है कि वह एक ही चीज से जल्दी ही बोर हो जाता है, ऐसे में यदि आप अपने संबंधों को रोमांचक बनाना चाहते हैं तो आपको सेक्स रोजाना नहीं करना चाहिए। कुछ दिनों बाद सेक्स से आपके बीच प्यार भी अधिक बढेगा और आप अपने पार्टनर को अपने और करीब महसूस करेंगे।
  • माहवारी के दौरान ना करें सेक्स- महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान कई बार बहुत परेशानियां होती हैं तो कई बार महिलाएं बीमार भी पड़ जाती हैं। जिन महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान थोड़ा सा भी दर्द होता है उन्हें माहवारी के दौरान सेक्स करने से बचना चाहिए। अन्यथा उनको कोई गंभीर बीमारी होने का खतरा बढ़ सकता है।
  • इंफेक्शन होने पर ना करें सेक्स- कई बार आपको सेक्सुअल संबंधी संक्रमण एसटीडी (सेक्सुअल ट्रांसमिटेड डीजीज) और एसटीआई (सेक्सुअल ट्रांसमिटिड इंफेक्शन) हो तो आपको सेक्स करने से बचना चाहिए, अन्यथा ऐसे इंफेक्शंस आपके पार्टनर को भी हो सकता है।
  • मानसिक रूप से स्वस्थ ना होने पर ना करें सेक्स- यदि आपका साथी मानसिक रूप से अस्वस्थ है या फिर वह बहुत चिंता, तनाव या किसी बड़ी समस्या से गुजर रहा है तो आपको सेक्स करने से बचना चाहिए।
  • किसी भी वक्त ना करें सेक्स– कई बार आपका अचानक दिन में सेक्स करने का मूड करता है लेकिन ठीक इसके विपरीत आपका साथी इसके लिए तैयार नहीं तो आपको सेक्स करने से बचना चाहिए या फिर अपने साथी को पहले इसके लिए तैयार करना चाहिए और उसके बाद ही आराम से सेक्स करना चाहिए।

सेक्स में क्यों जरूरी हैं गैप